इजरायल और हमास के बीच कैदियों की अदला-बदली, चार इजरायली महिलाओं को किया रिहा

Prisoner exchange between Israel and Hamas, four Israeli women released

नई दिल्ली: सीजफायर समझौते के तहत हमास ने शनिवार को चार इजरायली महिलाओं को रेड क्रॉस को सौंप दिया। इन महिलाओं में लिरी अलबाग (19 वर्ष), करीना एरीव (20 वर्ष), डेनियल गिल्बोआ और नामा लेवी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, ये सभी इजरायली सेना में कार्यरत थीं और 7 अक्टूबर को हमास ने उन्हें अगवा कर लिया था।

कैदियों की अदला-बदली
चारों महिलाओं की रिहाई के बदले में इजरायल ने 200 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने की प्रतिबद्धता जताई है। समझौते के तहत, इजरायल द्वारा 1,800 से 1,900 कैदियों को रिहा करने की संभावना है।

गाजा और तेल अवीव में खुशी का माहौल
रिहाई से पहले गाजा शहर में फिलिस्तीन चौक पर हमास के बंदूकधारी और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। महिलाओं को फिलिस्तीनी वाहन से उतारकर मंच पर लाया गया, जहां उन्होंने लोगों की ओर मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया। इसके बाद उन्हें रेड क्रॉस की गाड़ियों में बैठा दिया गया।

वहीं, तेल अवीव में बंधकों के परिवार और दोस्तों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। लोग बड़ी स्क्रीन पर रिहाई का लाइव प्रसारण देखते हुए भावुक हो गए। परिवार और दोस्तों ने खुशी से गले मिलते हुए इस पल का जश्न मनाया।

दूसरी बड़ी अदला-बदली
यह रिहाई सीजफायर समझौते के तहत दूसरी बड़ी अदला-बदली है। इससे पहले तीन इजरायली महिला बंधकों और 90 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था। समझौते के अनुसार, इजरायल प्रत्येक इजरायली सैनिक के बदले 50 और प्रत्येक महिला बंधक के बदले 30 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। यह समझौता अमेरिका, कतर और मिस्र की मध्यस्थता में संपन्न हुआ है।

युद्ध के भयावह आंकड़े
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से शुरू हुए युद्ध ने दोनों पक्षों को भारी नुकसान पहुंचाया।

इजरायल: 1,200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बना लिया गया।
गाजा: इजरायली हमलों में 47,283 फिलिस्तीनी मारे गए और 111,472 घायल हुए।

निष्कर्ष
हाल की रिहाई और कैदियों की अदला-बदली से संघर्ष विराम के तहत थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन इस लंबे विवाद का स्थायी समाधान अभी भी दूर है। यह कदम शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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